Thursday , June 13 2024

Storekeeper Skills

The Definition of MR Type|ERP Training In Hindi & Urdu

The Definition of MR Type Aaj hum sikheng ki MR type kya hota hai aur isme kya kya ata hai, Mujhe jaha tak ummid hai ye bahut kam logo ko pata hoga.

Mera maksad hai unlog ko madad karna jiko is field me knowledge nahi isliye meri aap se anurodh hai ki jihne kuch nahi pata hai unhe sikhene de aur achche feedback de.

ye post banane me kafi mehnat hui hai isliye aplogo ka pyar chahiye aap post pe comment kare apni raye de koi improvement karna ho to wo bhi bataye mai wo sudhar karne ki puri kosis karung.

The Definition of MR Type?

Dosto aaj ke daur me bina kaam kiye experience nahi hota isliye aapko baithe baithe ghar pe experience de raha hu, mujhe is field me achchi knowledge hai isliye aap sabhi ke sath shar kar rahe hai.

Pahle baat karte hai MR ki fir eMR ki karenge. MR ka matlab Materials Request hota hai. jise excel ke me banaya jata hai. ye material request bana kar warehouse ya store ki site pe bheja jata hai jiske madhyam se materials withdrawal kiya jata hai.

Material WD ke madhyam se kiya jata hai lekin warehouse ya store ki apni ek excel format hoti hai jiske madhyam se ye materials transfer kiya jata hai jise hum MIV kehte hai.

What is the MIV?

MIV – ka meaning ya matlab Materials Issuance Voucher hota hai jiske bare me youtube channel pe maine aap sabko bataya hai.

What is the eMR?

eMR – ka meaning ya matlab – Electronic Materials Request hota hai jise ERP system ke madhyam se banaya jata hai.

The Definition of MR Type & Process

Ek eMR ki jarurat tab padti hai jab Company ke Site ya kahe to Project pe materials ki jarurat hoti hai aur wo materials warehouse ya store me available nahi hota hai to ise ERP system ke madhyam se request kiya jata hai.

eMR bhi jo hai Main Warehouse se approved ho kar MCS departmen me jata hai, chaliye iske bare me bhi kuch jan lete hai.

eMR sabse pahle Project se banta hai jise document controller banata hai, Document Controller Project Manager ke under me kaam karta hai jise project ke sare eMR ki responsibility hoti hai.

eMR banane ke bad wo ERP system me submit kar deta hai jiske bad Project Manager ERP pe approved karta hai uske bad Warehouse se approval lena padta hai,

The Definition of MR type

ager materials available hota hai to warehouse se bhi issued yani transferred kiya jata hai warna ise not available ( N/A ) karke approved kar diya jata hai,

Warehouse se approved hone ke bad ye eMR MCS Department ke pas chala jata hai unke pas assign ho jata hai jisk PR MCS Department se banta hai.

MCS Department se PR banne ke bad is PR ka Management se Approval lena padta hai jo ki ERP ke madhyam se hi hota hai, uske bad price control ke pas chala jata hai, waha se approved hone ke bad purchaser ke pas jata hai, purchaser ke pas jane se pahle iska Po-Purchase Order banta hai.

How to make purchase order and what is the IT Supply Items?

The Definition of MR type

Purchase Order – Account Department se banta hai, Purchase Order banne ke bad ye supplier ke pas jata hai or supplier se purchaser coordinate karke ye materials site ke store ya company ke main warehouse me delivered hota hai.

Delivered hone ke bad ye warehouse department se iska Arrival or MRV banta hai uske bad ye materials warehouse stock ho jata hai.

Stock karne ke bad ye materials jab site ko jarurat hoti hai to use withdrawal or delivery note ke madhyam se delivered kar diya jata hai.

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Latest Storekeeper Experience Certificate Samples or Templates

Storekeeper Experience Certificate – स्टोर कीपर अनुभव प्रमाण पत्र

Storekeeper Experience Certificate – यानी स्टोरकीपर अनुभव प्रमाणपत्र उस कंपनी या संस्थानों द्वारा जारी किया जाता है जहा और जिस कंपनी में  आपने काम किया है। अगर आपके पास काफी experience हो गया है और फाइनल आया दूसरी सौंपने में जाना चाहते है तो कंपनी छोड़ने के बाद अनुभव प्रमाण पत्र मांगना अच्छा है। 

Experience Certificate Format क्या है?

अनुभव प्रमाण पत्र में आपके नौकरी के काम, आपकी भूमिका, आपके पदनाम, आपके वेतन आदि की जानकारी होती है। किसी किसी कंपनी में सिर्फ नाम और अपने कितना वर्ष काम किया हुआ है यही लिखा होता है। 

सबसे जरुरु ये है की जब आप ये experience certificate ले तो इसमें निश्चित समय अवधि होनी चाहिए जिसके लिए आपने उस कंपनी में काम किया है। लेते समय सही से चेक कर ले। अगर कुछ भी आपको मिसिंग या आपके काम के हिसाब से नहीं हो तो सही करा ले।


Experience Certificate Format

storekeeper experience certificate
Professional Experience Certificate Sample

ऑनलाइन अनुभव प्रमाणपत्र बनाना बहुत आसान और तेज़ है। बस उम्मीदवार के आवश्यक विवरण भरें और सेकंड में प्रमाण पत्र तैयार करें। अनुभव प्रमाण पत्र बनाने के बाद कंपनी के लेटर हेड पर एक प्रिंटआउट ले लें, कंपनी की जारी मुहर लगा दें और अधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर लेकर और लगा कर प्रमाण पत्र पूरा हो जाएगा।

कर्मचारी अन्य नियोक्ता के सामने अपनी नौकरी के इतिहास को साबित करने के लिए अनुभव प्रमाण पत्र का उपयोग कर सकता है। बिना अनुभव प्रमाण पत्र के आप साबित नहीं कर सकते की आपने वह काम किया है इसलिए अनुभव प्रमाण पत्र बहुत जरुरी है।

आज कल आप इंटरनेट के माध्यम से ऑनलाइन आसानी से बनाया जा सकता है जिसके लिए आपको उस वेबसाइट पे जा कर अपने काम का डिटेल्स देना पड़ता है उसके बाद आप आसानी से अपने कंपनी के फॉर्मेट पे यानि लेटर पैड पे प्रिंट कर सकते है जिससे आपका काफी टाइम बच जायेगा।

आप चाहे तो इस हिंदी में भी बना सकते है लेकिन हिंदी एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट गल्फ में एक्सेप्ट सायद न करे क्यूंकि जितनी भी एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट होती है वो सब इंग्लिश भाषा और वर्ड में ही होती है बस आपके जानकारी के लिए मई कुछ बता रहा जिसे आप इंग्लिश में भी कर सकते है जैसे ऊपर के फॉर्मेट में दिया गया है।

यह प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमान/श्रीमती/श्रीमती. …………………………. हमारे संगठन में एक स्टोर कीपर के रूप में काम कर रहा था ……………………….. (तारीख)……….(माह)………….(वर्ष) से ​​………(तारीख)… ……..(महीना वर्ष)।

जिस अवधि के दौरान वह हमारे साथ काम कर रहा था, वह दी गई जिम्मेदारियों से निपटने में कुशल था, जिसमें इन्वेंट्री नियंत्रण का प्रबंधन, सामग्री की आवश्यकता की योजना बनाना, भंडारण को संभालना, खरीद आदेश की रसीदें, प्राप्त सामग्री का रजिस्टर, क्षति के लिए वितरण का निरीक्षण, और विसंगतियां, आदि (जिम्मेदारियां दी गई हैं)।

वह उक्त पद पर जिम्मेदार व्यावसायिकता के साथ एक अनुशासित और ईमानदार कर्मचारी साबित हुआ है। वह समस्याओं के प्रति आशावादी दृष्टिकोण रखता है और कार्यस्थल पर दबावों को संभाल सकता है। उनके संगठन के सभी सहयोगियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध हैं और उनमें एक सक्षम टीम सदस्य होने के गुण हैं।

हमारे साथ उनके कार्यकाल के दौरान उनकी सेवाएं अच्छी रही हैं। हम आशा करते हैं कि वह भविष्य के सर्वोत्तम अवसरों और आगे एक सफल करियर के लिए सर्वश्रेष्ठ होगा।

नोट: उपरोक्त प्रारूप संगठन के दृष्टिकोण से है, जो आपको अनुभव का प्रमाण पत्र प्रदान करता है। अनुभव की अवधि या कार्य की अवधि के साथ कंपनी का नाम हाइलाइट किया जाना चाहिए। इस प्रारूप में उस स्थिति की जिम्मेदारियां भी शामिल होनी चाहिए जिसमें आप थे। भाषा सरल होनी चाहिए, और शब्दों को समझने में आसान और बिंदु तक होना चाहिए।


खुद से Experience Certificate कैसे बनाये?

बहुत काम लोगो को पता है की अगर उन्होंने कंपनी से अनुभव का प्रमाण पत्र नहीं लिए है तो वो कैसे इस समस्या को हल कर सकते है। ऐसे बहुत लोग होंगे जो इसे बनवाने के लिए काफी मोती रकम भी देकर बनवाते होंगे जो की सही तरीका नहीं।

अगर आपको अनुभव का प्रमाण पत्र नहीं मिला है तो घबराने की जरुरत नहीं है आप चाहे तो किसी से भी या खुद से एक अनुभव का प्रमाण पत्र जैसा ही सर्टिफिकेट खुद से बना कर दे सकते है जिससे ये पता चल जायेगा की अपने क्या काम किया है और आपको इस काम में कितना अनुभव है।

मै यही कोसिस करता हु की आपलोगो को सही रह दिखा सकू ताकि इससे आपको हेल्प मिले और आपका प्यार हमेशा बना रहे। ऐसी जानकारी अपने दोस्तों और दुसरो तक भी पहुचाये इसके लिए आप इसे शेयर कर सकते है।

अगर आप खुद से अनुभव का प्रमाण पत्र बनाना चाहते है तो आप निचे बताये अनुशार अपने से बना सकते है। ये सिर्फ एक तरीका है बाकि आप अपने मन से भी आप अपने काम को शामिल कर सकते है जितना आपको अनुभव है। अगर आपको पोस्ट अच्छा लगा तो कमेंट जरूर करे और आप चाहे को पूछ भी सकते है और अपनी सलाह दे सकते है।

EXPERIENCE CERTIFICATE TEXT SAMPLE

FAQs.


How do I write an employee experience letter?

Employee Experience Letter या अनुभव का प्रमाण पत्र एक ही है, इसे लिखने के लिए सबसे पहले आपके पास अपनी कंपनी का Letter Pad होना चाहिए लेकिन आप अपने Letter Pad पे सीधा न लिखे पहले आप एक इसका फॉर्मेट बना ले जैसे मैंने ऊपर बताया है उसके बाद आप अपने Letter Pad पे लिखे।

How to write a company experience letter?

Experience Letter बनाने के लिए आपको पता होना चाहिए की आपका Employee कितने सालो से काम कर रहा है और किस काम में Joined किया था उसके Profession के हिसाब से आप ये लेंटर बना कर असानीस से दे सकते है। देने से पहले आप अपने कंपनी के मालिख का या उस डिपार्टमेंट से जरूर Approved होना चाहिए।

Experience certificate kaise milta hai?

अगर आप किसी कंपनी में काम कर रहे है और अब अपने उस कमपनी से जाने का इरादा बना लिया है यानि अब उस कंपनी में काम नहीं करना चाहते है और उस कंपनी में काम करे आपको काफी Experience हो गया है तो आप अपने कंपनी के HR Department से अनुरोध करके ये आसानी से ले सकते है।

How do I write an experience letter in Word?

सबसे पहले आप अपने कंपनी के नाम वाले Letter Pad को रखिये जो की अच्छे पेपर Quality में होना चाहिए देखने से लगे की है ये Original है उसके बाद आप जैसे मैंने आपको बताया है वैसे ही अपने कंप्यूटर के WordPad में लिख ले उसके बाद उसकी साइज A4 में करले यानि प्रिंटिंग साइज उसके बाद आप इसे आसानी से बना सकते है।

What is the experience certificate in HIndi?

जब हम किसी कंपनी में काम करते है और काफी समय हो जाता है जैसे की 2 से 5 साल या इससे अधिक तो कंपनी के द्वारा ये अनुभव का प्रमाण पत्र मिलता है और जिसे हम अपने कंपनी से लेते है यही की हमें इस कंपनी में काम करते इतना साल हो गया जिसमे आपका काम और आपका नाम, आप क्या काम करते थे, कितने साल से कर रहे थे ये और कंपनी के साथ आपका काम में कैसा बर्ताव था ये सब लिखा रहता है और ये कंपनी छोड़ने पे मिलता है इसे ही हम अनुभव का प्रमाण पत्र या Experience Certificate कहते है।

What is an experience letter sample in Hindi?

अनुभव का प्रमाण पत्र का (Sample)सैंपल आपको ऊपर बताया गया है जिससे आपको पता हो जायेगा की ये क्या है इसके बारे में मैं बहुत अच्छे से लिखा है जिसे आपको पढ़ना चाहिए और समझना चाहिए की अनुभव का प्रमाण पत्र क्या है और कैसे मिलता है। ये आपके कंपनी से मिलने वाली सर्टिफीकेट है जिससे पता चलता है आप उस कंपनी में काम किये है।

Is experience certificate necessary in Hindi?

अनुभव का प्रमाण पत्र यानि Experience Certificate आज के दौर में बहुत जरुरी है क्यूंकि इसके बिना आप Interviewer को नहीं बता सकते की अपने ये काम किया है और इस काम में आपको काफी अनुभव है। इसके साथ साथ किस कंपनी में कितना साल काम किये है ये सब लिखा रहता है जो की आपके किसी दूसरे कंपनी में जाने में मदद करता है और पता चलता है की अपने ये काम किसी और कंपनी में भी किया है।


Conclusion:

किसी भी काम को अगर आप कर रहे है तो अच्छा है की आप उसी कंपनी से अपना exit जाते समय या अपने काम समाप्ति के बाद अपनी कंपनी के HR से अनुरोध करके ये सर्टिफिकेट प्राप्त करले जिससे आपको इस समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।


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Store keeper experience certificate kaise banaye

Store keeper experience certificate के बारे में सब लोग सोचते है की क्या है कैसे मिलेगा और आप भी सोच रहे है तो आप सही जगह पे आगये है।

यहाँ हम बात करेंगे की Store keeper experience certificate क्या है कैसे आपको मिलता है? अगर आप अभी तक नहीं जानते है तो आज आप इसके बारे में जानले क्यूंकि ये आपके लिए बहुत जरुरी है।


सबसे पहले मै बता दू की जब मै विदेश के लिए Job apply किया तो मुझे भी इसके बारे में पता चला लेकिन पहली बार जा रहा था मुझे पता नहीं था की कैसे क्या करे फिर मैंने सोचा की मुझे आपलोगो को भी इसके बारे में बताना चाहिए।

क्यूंकि बहुत से लोगो को पता ही नहीं होता है की या क्या है और जब जरुरत पड़ती है तो परेशां हो जाते है इसलिए ये पोस्ट पढ़ने के बाद आपको ऐसा कोई दिक्कत नहीं आने वाला है।

इस पोस्ट के माध्यम से आप आसानी से सब समझ जायेंगे। सबसे जरुरी बात अगर किसी कंपनी में काम किये है तो आप कभी भी अपना Professional certification मत छोड़िएगा हर हाल में लीजियेगा। क्यूंकि ये आपके पुरे साल का मेहनत है जिसे आपको जरूर अपने कंपनी से ले कर ही जाना चाहिए।

आप किसी से भी कह कर या अपने मैनेजर से बात करके ये सर्टिफिकेट का रिक्वेस्ट करा सकते है। बहुत से लोग ये सर्टिफिकेट लेना जरुरी नहीं समझते और उन्हें इसके बारे में पता भी नहीं होता की कैसे लेना है कैसी भी कंपनी हो ये सर्टिफिकेट आपको HR डिपार्टमेंट से मिलता है जो आपकी कंपनी में ही होती है जहा से आपके सरे काम होते है।


Professional certification
Professional certification

Store keeper experience certificate क्या है?

ये सर्टिफिकेट एक ऐसे सर्टिफिकेट है जो कर्मचारी या एम्प्लोयी को उसका काम यानि सर्विस पूरा होने के बाद उसे उसके काम के अनुसार कंपनी के तरफ से दिया जाता है।

इस सर्टिफिकेट के होने से आपको किसी दूसरे कंपनी में काम करना आसान हो जाता है साथ ही साथ ये सर्टिफिकेट ये दर्शाता है की आपको इस काम के बारे में पता है और ये काम अपने दिए सर्टिफिकेट कंपनी में किये है।

Store keeper experience certificate में आप कितने साल काम किये है और कबसे कब तक किये है दिया हुआ होता है साथ में ये भी लिख होता है की आप कौन कर रहे थे।

इसके अलावा Store keeper experience certificate में आपके वेवहार के बारे में भी दिया होता है की उस कंपनी में कैसे वेवहार था।

एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट कर्मचारी के अनुभव को प्रमाणित करता है। यह दस्तावेज़ कंपनी या संगठन में कर्मचारी के अनुभव को साबित करता है।

यदि कर्मचारी को एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट नहीं मिला है, तो वे कंपनी के HR Department को एक्सपीरियंस पत्र प्रदान करने के लिए आवेदन लिख सकते हैं। या उनसे रिक्वेस्ट करके ले सकते है।

एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट हर कर्मचारी का अधिकार है इसलिए सर्विस ख़तम होने पे आप अपने कंपनी से जरूर मांगे और अपने पास रखे ये आपको अपने काम में हमेशा मदद करेगा और जरुरुआत पड़ेगा।

किसी भी काम का Professional certification अगर आपको लेना है तो आपके काम ख़तम होने के बाद जब आप कंपनी छोड़ते है तो आपको अपनी कंपनी के HR से request करके जरूर लेना चाहिए इससे आपको और जिस कंपनी में आप जायेंगे उस कंपनी को छोड़ कर उस वक़्त जरुरत पडेगी।

Professional certification कभी भी नहीं छोड़ना चाहिए हमेशा अपने साथ लेकर जाना चाहिए नहीं तो आपको काफी परेशानी हो सकती है जब किसी और कंपनी में जाना चाहेंगे तो उस वक़्त आप परेशां हो जायेंगे।

इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे ताकि किसी दूसरे इंसान का भी भला हो और वो भी समझ सके इसके बारे में और वो भी इसे कभी न भूले की की इसकी कितनी जरुरी है और क्या है सब पता हो जाएग सबको।

FAQs.


स्टोरकीपर का काम कैसा है?

स्टोरकीपर का काम बहुत ही अच्छा है जो की आप एक डिप्लोमा कोर्स करने के बाद अगर कंप्यूटर एक्सेल में अच्छी जानकारी है तो कर सकते है।

स्टोरकीपर का विदेश में काम कैसे होता है?

स्टोरकीपर का काम विदेश में कंप्यूटर और स्टोर या वेयरहाउस में होता है।

स्टोरकीपर विदेश में महीने का कितना कमा लेते है?

स्टोरकीपर विदेश में महीने का 50 हजार से 80 हजार तक आसानी से कमा लेते है।

असिस्टेंट स्टोरकीपर की विदेश में कितनी सैलरी होती है?

असिस्टेंट स्टोरकीपर की विदेश में 15,00 – 2,000 SAR तक आसानी से मिल जाती है।


Conclusion:

Professional certification हर किसी के लिए जौरी है और ये बहुत ही जरुरी सर्टिफिकेट है सिर्फ एक बार कंपनी के तरफ से कंपनी को छोड़ने पे मिलता है जिसके अहमियत बहुत होती है इसलिए Professional certificationआप हमेसा अपने पास रखे।

Summary of deliveries Important Topic for Storekeeper

Summary of deliveries: आज सबसे महत्वपूर्ण विषय पर जानने वाले है की स्टोर में मटेरियल कैसे प्राप्त करते है या रिसीव करते है साथ ही आज हम बताएंगे कि एक स्टोरकीपर या मटेरियल हैंडलर को मटेरियल रिसीव करते समय किन बातों पर ध्यान रखना चाहिए साथ ही साथ मटेरियल आइटम कोड या विवरण कैसे पता करें।

मटेरियल रिसीव करते समय सबसे जरूरी क्या होता है?

मटेरियल रिसीव करते समय सबसे जरूरी क्या होता है ये सवाल सयाद कम लोगो को पता होगा कि मटेरियल रिसीव करते समय हमें सबसे पहले अपने कंपनी का पीओ और समरी जरूरी होता है।

परचेज ऑर्डर (Purchase order) क्या है?

Purchase Order (P.O) Kya Hai?

सबसे पहले जान लेते हैं कि पीओ यानी परचेज ऑर्डर क्या है? और परचेज ऑर्डर से मटेरियल कैसे रिसीव किया जाता है।

आप स्टोरकीपर हो या कोई भी मटेरियल रिसीव करने के लिए पीओ यानी परचेज ऑर्डर की जरूरत सबको पड़ती है और परचेज ऑर्डर के बिना मटेरियल रिसीव नहीं होता है, अगर आप ने कर भी लिया तो इसे आपको काफी परेशानी असक्ती है।

क्योंकि सामग्री प्राप्त करते समय हमें मालूम होना चाहिए कि जो हम सामग्री प्राप्त कर रहे हैं वो हमारे कंपनी से कितना अनुरोध किया गया है और ये सामग्री किस प्रोजेक्ट या साईट के लिए मंगाया गया है।

परचेज ऑर्डर से मटेरियल चेक करने के फायदे?

अगर आप परचेज ऑर्डर से मटेरियल रिसीव करते हैं या आप परचेज ऑर्डर यानी पीओ जानते हैं तो इसे आपको बहुत फैदा होता है जैसे कि ये मटेरियल कितना आर्डर किया गया है, परचेज ऑर्डर से प्रोजेक्ट का नाम भी पता चलता है साथ ही साथ प्रोजेक्ट कोड और सबसे जरूरी उसकी यूनिट प्राइस की जानकारी मिल जाती है और भी बहुत कुछ है स्टेप बी स्टेप सीखेंगे।

डिलीवरी नोट और परचेज ऑर्डर में अंतर क्या है?

ये बहुत ही आसान सवाल है जिसे आपको जाना बहुत ही जरूरी है, डिलीवरी नोट हमें अपने कंपनी से नहीं बल्की सप्लायर से मिलता है, जिसे हमें देख कर मटेरियल रिसीव करके सप्लायर को अपने सिग्नेचर (Signature) और कंपनी के स्टैम के साथ वापस देना पड़ता है। ताकि उनको बाकि के पैसे कंपनी से लेने में और ये बताने में की ये सामान दे दिया गया है काम आता है।

जबकी परचेज ऑर्डर हमें अपने कंपनी से मिलता है या हमें खुद कंपनी के (ERP System) इरप सिस्टम से प्रिंट करना पड़ता है, जिसे देख कर हम मटेरियल की मिलान यानी मैच करते हैं कि सप्लायर का डिलीवरी नोट का डिस्क्रिप्शन और मटेरियल का डिस्क्रिप्शन हमारे खरीद ऑर्डर यानि Purchase order से मैच कर रहा है कि नहीं उसके बाद ही हम मटेरियल रिसीव करते हैं।

Summary of deliveries क्या है?

Summary of deliveries me open order ka kya matlab hota hai?

परचेज ऑर्डर के साथ आपको समरी भी देखनि पड़ती है, जिसे हम Summary of deliveries कहते है, जो कि कंपनी के (EPR System) इरप सिस्टम पे ये भी मिलता है जैसे हमारे लिए परचेज ऑर्डर जरूरी है वैसे ही हमें परचेस ऑर्डर समरी भी जरूरी है मटेरियल रिसीव करते हैं समय।

सामग्री प्राप्त करते समय Summary of deliveries क्यों जरूरी होता है?

मटेरियल रिसीव करते समय Summary of deliveries इस्लीए जरूरी होता है क्यों कि हो सकता है कि ये मटेरियल कंपनी के साइट पे किसी और स्टोर में रिसीव हुआ हो इसलिए हमें कन्फर्म करने के लिए और ऑन हैंड बैलेंस चेक करने के लिए इसकी जरूरत पड़ती है।

इसके बिना हम ये पता नहीं कर सकते कि ये सामग्री कितना प्राप्त हुआ है और कितना बाकि है या पहले से प्राप्त हो चूका है कि नहीं।

इसके मदद से हमें पता चलता है कि ये सामग्री का चालान हुआ है कि नहीं और हुआ है तो किसने और कहां किया है इसकी जानकारी हमें इसीसे मिलती है।

Summary of deliveries invoiced का क्या मतलब होता है?

Summary of deliveries invoiced का सबसे ज्यादा महत्व होता है, अगर आप मटेरियल हैंडलर है या स्टोरकीपर है तो आपको मटेरियल रिसीव करते समय समरी चेक करना चाहिए ताकि पता चले इसका इनवॉयस हुआ है कि नहीं यानी ये मटेरियल कंपनी में रिसीव हुआ है कि नहीं।

Summary of deliveries invoiced का मतलब होता है कि ये मटेरियल रिसीव हो चूका है और आप इसे दुबारा रिसीव नहीं कर सकते हैं।

Summary of deliveries Open order का क्या मतलब होता है?

Summary of deliveries में Open order का मतलब होता है कि ये मटेरियल अभी तक रिसीव नहीं हुआ है और आप इसे रिसीव कर सकते हैं, वही अगर आपको इनवॉइस्ड दिखता तो इसका मतलब है ये मटेरियल रिसीव हो चुका है और आपको इसे रिसीव नहीं करना चाहिए।

Purchase order confirmation kya hai?

परचेज ऑर्डर कन्फर्मेशन ये सारे प्रोसेस में अजता है, यानी सप्लायर से मटेरियल रिसीव करते समय कंपनी में किसी मटेरियल को रिक्वेस्ट के समय जिस प्रोसेस से गुजारना पड़ता है उसे ही परचेस ऑर्डर कन्फर्मेशन कहा जाता है ये मेरा मन्जिना है इसे से आम भाषा में परचेज ऑर्डर भी कहते हैं। परचेज ऑर्डर का दूसरा नाम ही परचेज ऑर्डर कन्फर्मेशन है जिसे हम एरप सिस्टम (Erp System) से प्रिंट करते हैं और सामग्री की जाच करते है और मालूमात पता करते है की इसकी क्या स्टेटस है।

उम्मीद करता हु ये पोस्ट आप सबको पसंद आएगी अगेर अच्छा लगे तो हमें जरुर कमेंट करे और अपनी राय दे।

P.O kya hota hai?

P.O का मतलब purchase order होता है, जिसे किसी कंपनी को सप्लायर से सामग्री लेने के लिए बनाना पड़ता है।

Summary of deliveries kya hai?

Summary of deliveries भी purchase order के तरह ही होता है लेकिन इसका इस्तेमाल तब किया जाता है जब सप्लायर से सामग्री रिसीव करनी होती है ताकि पता चले ये की सामग्री बाकि है या रिसीव हो चूका है।

Purchase order me kya kya likha jata hai?

Purchase order में कंपनी के सामग्री का नाम, उसकी राशी, मात्रा, कंपनी के साईट और प्रोजेक्ट के नाम, डिलीवरी लोकेशन, मोबाइल नंबर या ईमेल यानि कंपनी के डिटेल्स और अवश्यक सामग्री के बारे में लिखा होता है।

Top 23 Store keeper interview questions In English

Store Incharge Interview Questions and Answers

Top 23 Store Incharge Interview Questions and Answers

BEST Multiple Choice Question ( MCQs)


Store incharge ledger maintained by ————department?

  1. Sales Department
  2. Store Department
  3. Cost Account Department
  4. Admin Department

Ans – 3


The main purpose of the Stock adjustment sheets is?

  1. To Record the perpetual inventory
  2. To Record the physical count
  3. To Record stock disposal
  4. To record abnormal loss

Ans – 2


Store Incharge Bin cards are used in keeping records of?

(Bin Card Meaning)

  1. Quantities Only
  2. Value Only
  3. Quantities & Value both
  4. Location

Ans – 1 


Ans__________Level is the inventory level at which entity places a new order.

  1.  Maximum Stock
  2.  Maximum Stock
  3.  Buffer Stock
  4.  Reorder Level

Ans – 2 


An important aspect of the stock control in-cloves?

  1. Finding one’s way around store department
  2. Looking after cattle on farm
  3. Ensuring right items are always available when needed
  4. Counting the number of staff working in store

Ans – 3 


Store incharge material is issued by the store keeper against?

  1.  Material requisition (MR)
  2.  Product Receive
  3.  Material Order
  4.  Purchase Requisition

Ans – 1


What Does FIFO MEANS?

  1.  First In First Out
  2.  Further in Further Out
  3.  First Inside First Outside
  4.  First Into, First Out

Ans – 1


Material Management is also called?

  1. Control & Logistic Management
  2. Distribution Planning
  3. Material Handler
  4. Both of Above

Ans – 4


 Ans__________is the time that elapses between issuing replenishment orders and receiving the material in stores.

  1. Replenishment Time
  2. Lead Time
  3. Idle Time
  4. None of Above

Ans – 2


Ans__________are the basic materials which have not undergone any conversion since their receipt from the supplier.

  1. WIP
  2. Raw Material
  3. Finished Parts
  4. Work Made Parts

Ans – 2


The concept of EOQ is related with?

  1. Quality
  2. Time
  3. Contract
  4. Quantity

Ans – 4


Which store accounting system involves use of market price or stock at cost, whichever is less?

  1. Standard Cost System
  2. Market Value System
  3. Average Cost System
  4. Coasting the Closing Stock

Ans – 4


What is a zone in a warehouse?

  1. Location Where Items are Kept.
  2. Group of Location
  3. Group of  Location Sharing Common Property
  4. None of these

Ans – 3


What is done by consolidation in a warehouse?

  1. Consolidation Materials Through a Single Shipment
  2. Bulk Warehouse Sorts or Splits Individual Orders & Arrange for Local Delivery
  3. Mixing of Various Products for Shipment
  4. None of these

Ans – 1


What is the utility of location size code?

  1. Define the size of location
  2. Define the capacity of location in terms of quantity
  3. Define location
  4. None of these

Ans – 2


Which store accounting system is also known as replacement rate costing?

  1. FIFO
  2. LIFO
  3. Market Value System
  4. Average Cost System

Ans – 3


Which technique is used by inventory management for cost reduction?

  1. Company wide codification of items
  2. Standardization
  3. Waste & Scrap Control
  4. All of these

Ans – 4


Which store accounting system involves a detailed analysis of market price & trends?

  1. FIFO
  2. Standard Cost System
  3. Market Value System
  4. Average Cost System

Ans – 2


Which of the systems keeps track of each withdrawal in addition to inventory continuously?

  1. A Fixed Quantity System
  2. A Continuous Inventory System
  3. A Perpetual Inventory System
  4. A Fixed Period System

Ans – 2


While taking delivery of material delivery challan should be compared carefully with?

  1. Indent
  2. Technical Specification
  3. Purchase Order
  4. None of these

Ans – 3


Which of the classification of items is based on stock value?

  1. FSN
  2. ABC
  3. DEF
  4. XYZ

Ans – 4


Usually what is the time given for the inspector to inspect the material put at the inspection bay at stores?

  1. 2 Days
  2. 3 Days
  3. 4 Days
  4. 5 Days

Ans – 2


Which of the following stock verification methods has not been adopted in the NTPC?

  1. Periodical stock verification
  2. Continuous stock verification
  3. Verification by external agency
  4. Verification by internal auditors

Ans – 4 


The acronym ROL stands for?

  1. Requirements of letter of credit
  2. Recorder level
  3. Report of loss of stock
  4. None of the above

Ans – 2


Conclusion:

A Store InCharge – The first step in managing a warehouse department in a company is to understand about your company works. This will allow you to plan for your future company growth and keep costs down. always manage with proper procedure.

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स्टोर कीपर जॉब डिस्क्रिप्शन क्या होता है?

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स्टोर कीपर जॉब: अगर आप स्टोर कीपर के बारे में जानना चाहते हैं तो मैं बता दूं एक स्टोरकीपर का काम एक स्टोर या वेयरहाउस में होता है और स्टोर कीपर जो होता है स्टोर और वेयरहाउस का मालिक होता है चाहे वह किसी भी कंपनी में काम करता हो लेकिन जिसके अंदर में होता है वही उसका मालिक होता है यानी कि उस स्टोर की देख रेख और उसे सामान की देख रेख उस स्टोरकीपर को ही करना होता है।

एक स्टोर की पर हमेशा अपने काम को वक्त पर करता है और वक्त पर करने वाले स्टोरकीपर आगे तक जाते है और उन्हें ही सफलता मिलती है और स्टोरकीपर में भी वो काफी अच्छे पैसे कमा पाते है।

स्टोर कीपर मैट्रियल को कैसे रिसीव करता है

स्टोर कीपर जॉब में स्टोर कीपर को मैट्रियल रिसीव करने के लिए सबसे पहले कंपनी का पियो (PO) जो होता है उसे प्रिंट करना होता है और उसके आधार पर मटेरियल को चेक करना होता है, सप्लायर के तरफ से एक डिलीवरी नोट मिलता है जिसे पियो से मैच करना होता है उसके बाद से Physical Materials Check किया जाता है कि उससे मैटेरियल्स मैच हो रहा है कि नहीं यानी कि पियो में अगर मैटेरियल्स डिस्क्रिप्शन लिखा हुआ है तो सेम डिस्क्रिप्शन आपके मैट्रियल पर होना चाहिए, यानी कि उस पर मॉडल नंबर दिया होता है वह मॉडल नंबर सेम टू सेम मिलना चाहिए अगर उसमें कोई भी दिक्कत होती है तो फिर आपको आगे बात करनी होती है।

क्योंकि अगर कोई डिस्क्रिप्शन में कोई दिक्कत आती है तो उसे आप को फिर से रिवाइज कराना होता है रिवाइज कराने के लिए आपको पियो क्रिएटर से बात करना पड़ता है उसे ईमेल करना होता है कि ये मैटेरियल आया हुआ है लेकिन इसकी डिस्क्रिप्शंस से मैच नहीं हो रही है तो पियो को रिवाइज करें और इस हिसाब से बनाएं।

अगर मैटेरियल्स में कुछ दिक्कत होती है तो फिर Request किये इंजीनियर या प्रोजेक्ट मैनेजर से ईमेल से कन्फर्मेशन लेना पड़ता है और इस ईमेल को reference के लिए प्रिंट करके रख लिया जाता है।

अगर सबकुछ सही होता है तो वेयरहाउस या स्टोर का Stamp Delivery Note पर लगाकर आपको सप्लायर को एक कॉपी देना होता है दूसरा कॉपी आप अपने पास रखते हैं क्यूंकि Erp System पर इसे Closed करना पड़ता है।

इ आर पी सिस्टम पर मटेरियल को कैसे रिसीव करते हैं

स्टोर कीपर जॉब में इआरपी सिस्टम पर मैटेरियल्स को रिसीव करने के लिए सबसे पहले जो Step होता है वह होता है मैट्रियल रिसिविंग वाउचर का उसके लिए सबसे पहले आपको अराइवल (Arrival) बनाना होता है अराइवल का मतलब उसमें मैट्रियल रिसीविंग वाउचर बनाना होता है मटेरियल रिसिविंग बाउचर बनाने के बाद से प्रोडक्ट रिसीव बनाना होता है। जिसे हम इंग्लिश में MRV and PR बोलते है।

PRODUCT RECEIVE कैसे बनाते हैं

स्टोर कीपर जॉब में प्रोडक्ट रिसीव बनाने के लिए सबसे पहले आपको ERP System पर लॉगिन होना होता है जैसे आप मैट्रियल रिसिविंग बनाते हैं वैसे सेम टू सेम आपको प्रोडक्ट रिसीव भी बनाना पड़ता है जिसके लिए आपको वहां पर क्रिएट पर क्लिक करना होता है उसके बाद से उस पीओ को सर्च करना होता है जिस PO के Against में आपने मैट्रियल रिसीव किया हुआ है उसके बाद से जितनी भी मैटेरियल रिसीव हुई होती है उस मैट्रियल को वहां पर इंट्री की जाती है।

स्टोर कीपर जॉब में – अगर कंपनी के तरफ से 50 Request हुआ है और सप्लायर ने उसे 25 Pcs डिलीवर किया हुआ है तो उसमें आपको 25 Pcs स्प्लिट करना होता है इसे प्रिंट करके 25 पीस का आपको प्रोडक्ट रिसीव बनाना होता है बाकी का 25 पीस आपका बैलेंस रह जाता है जो कि सप्लायर जब डिलीवर करता है तो फिर वह 25 पीस का आपको बनाना होता है

PRODUCT RECEIVE बनाने के बाद से आगे क्या करना पड़ता है

स्टोर कीपर जॉब में प्रोडक्ट रिसीव बनाने के बाद से यह मटेरियल आपके सिस्टम पर On Hand दिखने लगता है यानी कि यह मैट्रियल आप जिस प्रोजेक्ट के लिए रिसीव करते हैं वह प्रोजेक्ट पर Show करने लगेगा और आपका जो Store होगा वह स्टोर दिखाएगा मैटेरियल रिसीव करने के बाद से आपको इंजीनियर और प्रोजेक्ट मैनेजर को बताना पड़ता है कि आपका मैट्रियल हमारे पास में यानी स्टोर में और वेयरहाउस में आ गया है आपको जब चाहिए आप हमें बताया आप अपनी Materials को ले जाएं।


स्टोर कीपर जॉब डिस्क्रिप्शन क्या होता है?

Materials को प्रोजेक्ट पर कैसे ट्रांसफर करते हैं

स्टोर कीपर जॉब में Materials प्रोजेक्ट पर ट्रांसफर करने के लिए आपके पास में प्रोजेक्ट से ईमेल आता है ईमेल के साथ में कोई विड्रोल या ईमेल में लिखा रहता है कि उनको यह मटेरियल चाहिए ज्यादातर विड्रोल बनता है विड्रोल के आधार पर मैट्रियल साइट पर यानी प्रोजेक्ट पे डिलीवर किया जाता है।

P.O का मतलब क्या होता है

स्टोर कीपर जॉब में P.O का मतलब परचेज ऑर्डर होता है जोकि मैट्रियल को Request करने के लिए बनाया जाता है और यह पियो सप्लायर को दिया जाता है ताकि सप्लायर इस पीओ के आधार और हिसाब से मैट्रियल आपको डिलीवर कर सकें। इसके अलावा P.O में मैटेरियल्स की Price भी दी हुई होती है।

P.O बनाने का क्या प्रोसेस होता है

पीयू बनाने से पहले MR बनता है जिसे हम Materials Request कहते हैं यह एमआर एक्सएल में बनता है उसके बाद से प्रोजेक्ट मैनेजर का और साइट की इंजीनियर का इस पर Approval और Signature लिया जाता है उसके बाद से इसे इआरपी सिस्टम पर बनाया जाता है जिसे हम एमआर कहते हैं।

M.R का पूरा नाम क्या है

एम आर का पूरा नाम मैट्रियल रिक्वेस्ट (Material Request) है और जिसे एक्सल शीट पर बनाया जाता है मैट्रियल रिक्वेस्ट करने के लिए और मटेरियल मंगाने के लिए ताकि प्रोजेक्ट पर उसे यूज किया जा सके

eMR का क्या मतलब होता है

ई एम आर का मतलब इलेक्ट्रॉनिक मटेरियल रिक्वेस्ट (Electronic Material Request) होता है जिसे हम इआरपी सिस्टम पर बनाते हैं और इस ईएमआर को बनाने के बाद से Warehouse & Procurement Department को सबमिट किया जाता है जिसके बाद इसका पीआर बनता है पीआर बनाने के बाद से इसका आगे का प्रोसेस होता है

अगर मैट्रियल 3000 से नीचे होता है तो इसे Cash में मंगाया जाता है जिसके लिए कंपनी में परचेज डिपार्टमेंट होता है जोकि परचेज करके साइट या प्रोजेक्ट या स्टोर में मैट्रियल डिलीवर करते हैं

अगर मैट्रियल 3000 से ऊपर का होता है तो इसका पियो बनता है जिसे हम परचेज ऑर्डर कहते हैं पीयू बनाने के बाद से इसे प्राइस कंट्रोल में भेजा जाता है ताकि इसकी प्राइस की जांच की जा सके जो मैट्रियल रिक्वेस्ट हो रहा है उसकी प्राइस सही होनी चाहिए और सारे सप्लायर से चेक करने के बाद से प्राइस कंट्रोलर इसे ओके करके देते हैं सब कुछ होने के बाद से इस पीओ को सप्लायर को सबमिट करना पड़ता है

अब सप्लायर इस पीओ के हिसाब से मैट्रियल आपके स्टोर या आपके कंपनी के प्रोजेक्ट पर डिलीवर करता है जिसके लिए उसे कुछ डाउन पेमेंट देना होता है जैसे कि 40% से 50% या 70% तक आपको जो है उसको पेमेंट करना पड़ता है और बाकी का जो पेमेंट होता है वह मटेरियल को डिलीवर करने के बाद से कंपनी करती है।

इस तरह से मैट्रियल का प्रोसेस होता है यानी कि सबसे पहले जो होता है इसका एमआर बनता है फिर ई एमआर बनता है उसके बाद से इसका पीआर बनता है फिर उसके बाद से पियो बनता है पीओ बनने के बाद से सप्लायर को सबमिट किया जाता है

सप्लायर पीओ के हिसाब से मैट्रियल डिलीवर करता है जिसके लिए वह अपना डिलीवरी नोट बनाता है मैटेरियल्स के पीओ के हिसाब से और कंपनी के स्टोर और वेयरहाउस में यह मैट्रियल डिलीवर करता है

डिलीवरी होने के बाद से यह मटेरियल कंपनी के तरफ से उसको एक रिसिविंग मिलती है जो कि डिलीवरी नोट पर उसका Stamp लगा रहता है कंपनी का और जो Storekeeper होता है उसका सिग्नेचर वहां पर और Manager का सिग्नेचर होता है अब इस पेपर को ले जाकर यह अकाउंट डिपार्टमेंट या फिर अकाउंटेंट को ले जाकर सबमिट कर के पैसे लेते हैं।


स्टोर कीपर मैट्रियल को कैसे डिलीवर करता है

स्टोर कीपर जॉब में स्टोर कीपर मैट्रियल को प्रोजेक्ट और साइट पर डिलीवर करने के लिए मैट्रियल ट्रांसफर वाउचर (Materials Transfer Voucher) या मैटेरियल्स इसवेंस वाउचर (Materials Issuance Voucher) के द्वारा मैट्रियल को प्रोजेक्ट पर भेजता है।

मैट्रियल ट्रांसफर वाउचर कैसे बनता है

स्टोर कीपर जॉब में मैट्रियल ट्रांसफर वाउचर ईआरपी सिस्टम पर बनता है इसका नाम ERP में TRN (Transfer Order) होता है और मैट्रियल ट्रांसफर वाउचर या मैटेरियल्स इसवेंस वाउचर एक्सएल में बनाया जाता है उसके बाद से इसे ईआरपी सिस्टम में ट्रांसफर किया जाता है ताकि ऑनहैंड में यह जीरो दिखाई दे।

मटेरियल ऑनहैंड क्या होता है

स्टोर कीपर जॉब में मटेरियल ऑन हैंड का मतलब होता है कि यह मैट्रियल इस प्रोजेक्ट पर ऑन हैंड में Available है और इस मैट्रियल को आप डिलीवर कर सकते हैं लेकिन जब इसे आप इआरपी सिस्टम पर ट्रांसफर आर्डर बनाते हैं तो उसके बाद से यह शून्य हो जाता है उसके बाद से ऑनहैंड 0 दिखाई देता है और इससे पता चल जाता है कि यह मटेरियल अब Available नहीं है

कंपनी में स्टोर में कितने डिपार्टमेंट होते हैं

स्टोर कीपर जॉब में कंपनी में स्टोर में लगभग 3 डिपार्टमेंट होते हैं जिसमें सबसे पहले सिविल आ जाता है उसके बाद से इलेक्ट्रिकल उसके बाद मेकेनिकल आता है यह तीन डिपार्टमेंट में सबसे ज्यादा मैटेरियल होता है। स्टोर कीपर जॉब में आपको कम्पनी के सभी डिपार्टमेंट भी देखने पड़ते है अगर स्टोर कीपर कम होते है तो।

स्टोर कीपर जॉब में आपको कंप्यूटर से सम्बंधित भी काम करना पड़ता है जिसके बारे में बताया गया है और बहुत से वीडियो भी चैनल पे अपलोड किये गए है।

Storekeeper – Store Department Name

  • Mechanical
  • Civil
  • Eletrical

स्टोर कीपर जॉब में सिविल डिपार्टमेंट में सबसे ज्यादा मैट्रियल जो होता है वह Paint, Cement, Grout, Primer Paint, ऐसे कई समान होते हैं अगर बात करें पेंट की

स्टोर में कितने टाइप के पेंट होते हैं


  • एक्रेलिक पेंट
  • इनेमल पेंट वॉल पेंट
  • वाटर कलर पेंट
  • मैटेलिक पेंट एक्सटीरियर पेंट
  • बिट्यूमिनोस पेंट
  • अल्मुनियम पेंट
  • इमल्शन पेंट
  • लेटेक्स पेंट

ऐसे बहुत टाइप्स के पेंट होते हैं जो कि स्टोर में स्टोरेज करके रखे जाते हैं जिसके लिए आपको जो है 30 डिग्री से नीचे टेंपरेचर रखना होता है जो टेंपरेचर दिया होता है पेंट के लिए उसके नीचे टेंपरेचर होना चाहिए अन्यथा यह खराब हो जाता है पेंट के लिए एक अलग से एरिया होना चाहिए जहां पर सिर्फ पेंट हो यानी केमिकल एरिया सेपरेट स्टोर में होना चाहिए।

यह तो सिर्फ पेंट के बारे में मैंने आपको बताया ऐसे बहुत सारे सिविल के मैटेरियल्स होते हैं जोकि सिविल डिपार्टमेंट में होते हैं जैसे कि नेल होता है नॉट होता है बोल्ट होता है थ्रेडिंग रॉड, सेलिंग मैटेरियल, डोर लॉक का सामान, हैंड टूल से समान, कटिंग डिस्क, सेंडिंग पेपर, पेंट ब्रश, कई समान सिविल स्टोर में होता है।

इलेक्ट्रिकल स्टोर में किस प्रकार की मैटेरियल्स होती है

स्टोर कीपर जॉब में इलेक्ट्रिकल स्टोर में बहुत प्रकार की मैटेरियल्स होती है जैसे की लाइट, वायर, केबल, केबल ड्रम, फायर फाइटिंग मैटेरियल्स, नर्स कॉल मैट्रियल, सभी प्रकार की इलेक्ट्रिकल स्विच, ब्रेकर, ट्रांसफार्मर, सेफ्टी स्विच, इलेक्ट्रिकल बॉक्स जिसे हम पूल बॉक्स भी बोलते हैं, स्क्वायर बॉक्स, ऑक्टेगनल बॉक्स, इ ऍम टी फिटिंग्स, वायरिंग फिटिंग, अर्थिंग मैटेरियल, केबल ग्लैंड, स्प्रिंग नट, सभी टाइप्स के वायर होते हैं, पेज कोडपैच कोर्ड, कैमरा, पैनल बोर्ड, पाइप स्पेसर, केबल लग, केबल मार्कर, पीवीसी फिटिंग ऐसे बहुत सामान जो होते हैं इलेक्ट्रिकल डिपार्टमेंट में होते हैं जिसके ऊपर मैंने पहले ही वीडियो चैनल पर अपलोड किया है।

मैकेनिकल स्टोर में किस प्रकार की मैटेरियल होती है

स्टोर कीपर जॉब में मैकेनिकल स्टोर में बहुत सी मैटेरियल्स होती है जिसमें सबसे ज्यादा Fitting’s आती है, Fitting’s का मतलब होता है पाइप से संबंधित सामान जैसे कि Elbow & Bend, Coupling, Coupling Reducer, Tee, Tee Reducer, Y-Branch, True Vent, End Cap, Eccentric Reducer, Ball Fittings, Vent, Swept Tee,


6 Types of Clamps Name

  1. Mechanical – Pipe Camps
  2. Mechanical – C-Clamp
  3. Mechanical – G-Clamps
  4. Mechanical – Diamond Clamps
  5. Mechanical – Rubber Clamps
  6. Mechanical – Hose Clamps

11 Types of Fittings Name

  1. Orange Fittings
  2. Grey Fittings
  3. White Fittings
  4. BMI/BIS Fittings
  5. CS Fittings (Carbon Steel)
  6. GMI Fittings (Butt Welding Fittings)
  7. PPR Fittings
  8. Copper Fittings
  9. Fire Fighting Fittings
  10. HDPE Fittings
  11. Brass Type Fittings

12 Types of Gate Valve Name

  1. Cast Iron Gate Valve
  2. Globe Valve
  3. Y-Globe Valve
  4. Ball Valve
  5. Plug Valve
  6. Diaphragm Valve
  7. Reducing Valve
  8. Pinch Valve
  9. Butterfly Valve
  10. Swing Check Valve
  11. Lift Check Valve
  12. Safety Valve

FAQs.


स्टोर कीपर जॉब का इंटरव्यू कैसे होता है?

स्टोरकीपर का इंटरव्यू इंग्लिश में होता है जो की कम्प्यूटर और स्टोर के मैटेरियल्स से सम्बन्धी Question और Interview होता है।

हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी क्या है?

हमारी सबसे बढ़ी जिम्मेदारी है हमारे परिवार के बारे में सोचना की उनको कैसे खुस रखे, अपने भविष्य में सफल होने के लिए कुछ अच्छा करना यह भी हमारी बड़ी जिम्मेदारी है। अच्छा पैसा कमा कर अपने परिवार के सदस्य को अच्छा शिक्षा देना एक जिम्मेदारी है। लोगो में अपना अच्छा वेवहार बनाना एक अच्छी जिम्मेदारी है। अगर आप मदद करने के काबिल है तो दुसरो की मदद करना चाहिए। जिम्मेदार व्यक्ति अपने जिम्मेदारी से कभी पीछे नहीं भागता है।

जिम्मेदारी को क्या बोलते हैं?

जिम्मेदारी को सफल बोलते है क्यूंकि एक जिम्मेदारी उठाने वाला ही सफलता पता है और यही सुच है।

जिम्मेदारी का एक अच्छा उदाहरण क्या है?

इसका सबसे अच्छा उदाहरण है सफलता – एग्जाम से पहले एग्जामिनेशन सेण्टर पे पहुंचना एक जिम्मेदारी है। सुबह उठ कर सबसे पहले अपने दांतो की सफाई करना एक जिम्मेदारी है।

गैर जिम्मेदारी क्या है?

गैर जिम्मेदारी यानि आलसपन होता है। अपने कर्तब्य को वक़्त पे पूरा न करना एक गैर जिम्मेदार का काम है।


Conclusion:

स्टोरकीपर का जॉब एक बहुत ही अच्छा जॉब है जिसमे काम समय में आप बहुत अच्छा पैसा कमा सकते है। स्टोरकीपर के जॉब करने के बाद आप घर पे रह कर खुद का भी काम सुरु कर सकते है। स्टोरकीपर का जॉब पाने के लिए 12th के साथ कम्प्यूटर कोर्स होना जरुरी है। स्टोरकीपर एक प्रोफेशनल जॉब है।

https://youtu.be/3uF9DAlZT3Q

स्टोर कीपर का कोर्स होता है की नहीं?

स्टोर कीपर का कोर्स होता है की नहीं?, ये सवाल हर किसी के दिमाग में आता है जो इस काम को सीखना चाहते है और बहुत कम ऐसे इंस्टिट्यूट है जो अपने कोर्स में स्टोर कीपर का कोर्स का नाम देते हो इसलिए मैंने सोचा क्यू न इस विषय पे मै आप सबको जानकारी दे दू क्यूंकि ये सवाल मुझसे पूछा भी गया है मेरे यूट्यूब चैनल पे।

स्टोर कीपर का कोर्स होता है की नहीं?

स्टोर कीपर का कोर्स होता है की नहीं?

जहा तक बात है स्टोरकीपर की कोर्स की तो दोस्तों स्टोर कीपर का कोर्स लगभग सभी कंप्यूटर इंस्टिट्यूट में कराया जाता है लेकिन उसका नाम एक जैसा नहीं होता है किसी इंस्टिट्यूट में इसका नाम होता है तो किसी में कुछ और नाम से कराया जाता है जो की स्टोरकीपर के काम में आता है। स्टोरकीपर कोर्स का मतलब ये नहीं कंप्यूटर कोर्स में आपको स्टोर से सम्बंधित काम सिखाया जाता है।

स्टोरकीपर का कंप्यूटर कोर्स में Skill सिखाये जाते है की कैसे Inventory मैनेज करना पड़ता है , एक्सेल में स्टोर में मैटेरियल्स की डाटा कैसे बनायीं जाती है, एक्सेल में कैसे काम किया जाता है, एक्सेल क्या है और कैसे यूज़ करे ये आपको सिखाया जाता है। ये काम एक डाटा एंट्री ऑपरेटर और डॉक्यूमेंट कंट्रोलर भी कर सकता है जो की कोई कंप्यूटर कोर्स किया हो।

इसलिए मैंने बोलै की स्टोरकीपर कोई भी डिप्लोमा कंप्यूटर कोर्स कर सकता है जिसमे एक्सेल से सम्बंधित काम सिखाया जाता हो और इसे सिख कर आप भी स्टोरकीपर का काम कर सकते है लेकिन स्टोरकीपर को स्टोर की मैटेरियल्स की जानकारी होना जरुरी है।

अगर आप को मैटेरियल्स की नॉलेज और जानकारी बिल्कु नहीं है तो कोई बात नहीं आप ऑनलाइन फ्री में सिख सकते है बस यूट्यूब पे जाये और @Sarfarazofficial टाइप करे इस चैनल पे स्टोर और वेयरहाउस से सम्बंधित बहुत काम सिखाया गया है और बहुत से मैटेरियल्स की जानकारी दी गया है आप बिलकुल फ्री में विदेश का काम घर बैठे सिख सकते है।


स्टोरकीपर के कोर्स का क्या नाम है?

स्टोर कीपर का स्पेशल कोर्स का नाम सर्टिफाइड स्टोरकीपर (Certified Storekeeper) है और ये कोर्स 6 महीने से लेकर 1 साल तक की होती है। इस कोर्स में एक्सेल पे काम करना सिखाया जाता है और एक्सेल से सम्बंधित ही है।

सर्टिफाइड स्टोरकीपर कोर्स मॉडल्स?

इस कोर्स से आप स्टोर और वेयरहाउस में कैसे काम होता है कंप्यूटर पे सिख सकते है क्यूंकि ये कोर्स सिर्फ इसी सम्बंधित है और स्पेशल इसी के लिए बनायीं गयी है जिसकी सर्टिफिकेट भी इसी के नाम से दी जाती है।

सर्टिफाइड स्टोरकीपर कोर्स की विशेस्ताए: – यह कोर्स करने के बाद आप स्टोरकीपर, डाटा एंट्री, डॉक्यूमेंट कंट्रोलर, कंप्यूटर ऑपरेटर, कैंप बॉस, मैटेरियल्स कोर्डिनेटर, टाइम कीपर जैसे जॉब में आसानी से अप्लाई करके विदेश जाकर अच्छे पैसे कमा सकते है। या बहुत ही अच्छी कोर्स है जो आप 10th के बाद भी कर सकते है।

Module 1 – Computer Application

  • Computer Basic
  • Window
  • XP
  • MS Excel
  • Internet Surfing
  • Email – How to create a email id.

Module 2 – Store Routine

  • Introduction Basic of Storekeeping
  • Location and Layout
  • Stock Level
  • Maximum Level & Minimum Level
  • Re-Order Level/Re-Order Quantity
  • Economic Order Quantity (EOQ)
  • Functions of Storekeeper
  • Physical Inventory Verification
  • ABC Analysis Inventory Control

Module 3 – Store Handing & Documentation

  • Receive and Issue of Materials
  • Stock Record – Bin Card & Store Ledger
  • Good Receipt Note (GRN)
  • Materials Issue Requisition (MIR)
  • Material Return Note (MRN)
  • Material Transfer Order
  • Materials Issuance Voucher
  • Material Transfer Note
  • Outgoing Voucher
  • Material Receiving Report
  • Dail Issuance Report
  • Stock & Inventory Handling

Module 4 – Valuation of Inventory

  • Different Types of Valuation of Inventory
  • Average Cost Price
  • Market or Cost Price
  • Land Transit Declarations
  • Land
  • FIFO
  • LIFO
  • HIFO
  • NIFO

ये सभी Module Certified Storekeeper Course के अंतर्गत आते है और कुछ नहीं भी सिखाया जाता है आप ऑनलाइन रिसर्च कर सकते है या चैनल की वीडियो देख कर सिख सकते है।

अगर आप के सहर में ये कोर्स नहीं होता है तो इसके जगा आप DCA या ADCA भी कर सकते है लेकिन ध्यान रहे इसके साथ इंग्लिश टाइपिंग और इंग्लिश स्पीकिंग जरूर सीखे जो की आपके इंटरव्यू और काम में बहुत मदद करता है।


ADCA COURSE CERTIFICATE SAMPLE
ADCA COURSE CERTIFICATE SAMPLE

ADCA कोर्स कितने साल का होता है?

ADCA कोर्स एक साल का होता है और ADCA कोर्स का पूरा नाम ADVACNCE DIPLOMA IN COMPUTER APPLICATION होता है जिसे शार्ट में ADCA बोलै जाता है। इस कोर्स में 3 कोर्स को कराया जाता है जो की निम्न है।

ADCA COURSE MODULES:

MODULE 1 – DCA (Diploma in Computer Application) – Duration 6 Months

  • Fundamental
  • MS-Dos
  • MS-Windows 7/8/XP
  • Internet
  • Networking
  • Multimedia
  • HTML
  • System Maintenance
  • Ms Word
  • Ms Excel
  • Ms Power Point
  • Foxpro
  • Ms Access
  • Notepad
  • C++ (Basic)
  • Printing & Scanning
  • Software Installation
  • Computer Formatting

MODULE 2 – CFA (Certificate in Financial Accounting) – Duration 3 Months

  • Introduction of Financial Accounting
  • Accounts Only on Tally Accounting Software
  • Accounting with Inventory
  • Project wise Inventory
  • Ledger on Tally Software
  • Projects

MODULE 3 – DTP (Certificate in Desktop Publishing) – Duration 3 Months

  • Adobe PageMaker
  • Photoshop
  • Corel Draw

ये सभी Modules एक ही कोर्स में होता है जिसे हम ADCA कोर्स के नाम से जानते है ये कोर्स काफी पॉपुलर कोर्स है इस कोर्स को करने के बाद आप घर बैठे पैसे कमा सकते है। घर बैठे पैसे कमाने के लिए आप एक साइबर कैफ़े से स्टार्ट कर सकते है।

FAQs.


स्टोरकीपर का कंप्यूटर पे काम क्या काम होता है?

स्टोर कीपर का कंप्यूटर पे एक्सेल में काम होता है जो मैटेरियल्स की एंट्री करते है साथ ही साथ इशू और रिसीव करते है और इस डाटा को सेव करके रखते है।

स्टोर कीपर के लिए कौन सा कोर्स सबसे अच्छा है?

स्टोरकीपर के लिए सर्टिफाइड स्टोरकीपर कोर्स के साथ इंग्लिश टाइपिंग और इंग्लिश स्पीकिंग करना चाहिए।

स्टोर में काम करने को क्या कहते हैं?

स्टोर में काम करने को मटेरियल हैंडलिंग और स्टोरकीपर कहते है और इस समूह को Supply Chain Department – Inventory & Warehousing Management Section कहते है।

स्टोर कीपिंग कैसे करते हैं?

स्टोर में अवेलेबल मैटेरियल्स को और सप्लायर के द्वारा खरीदी गयी सामिग्री को स्टोर करना और स्टोर के मैटेरियल्स को साफ और सही से रखवाना उनकी केयर करना और सही रिपोर्ट बना कर रखना स्टोरकीपिंग है। स्टोरकीपर का काम ही स्टोरकीपिंग का होता है।


Conclusion:

स्टोरकीपर का कोर्स कंप्यूटर कोर्स होता है लेकिन इस काम को करने के लिए Goods, Materials की सही जानकारी होना जरुरी है तभी आप एक अच्छा स्टोरकीपर बन सकते है और सही से काम कर सकते है। स्टोरकीपर के काम में इंग्लिश टाइपिंग के साथ इंग्लिश भी जरूर सीखना चाहिए। ये कोर्स सभी के लिए फायदेमंद होता है।

Material handler job description

Material handler job responsibilities:

A material handler is a machine that moves materials around a factory floor. A material handler is often used to move items between different locations in a factory. In this video we show how to build a simple material handler using a forklift and some wood planks.

Material Handler Education Qualification (MHEQ)

The MHEQ is a nationally recognized certification program developed by the American Society of Agricultural Engineers (ASAE). The MHEQ provides a framework for training individuals who work with hazardous materials, including those involved in the handling, storage, transportation, treatment, disposal, and recycling of these materials.

Forklift Operator Responsibilities

A forklift is a type of lift truck designed to transport heavy loads over short distances. It consists of two front wheels and four rear wheels, and two forks at the end of the vehicle.

Hazardous Materials Training Program (HMT)

The HMT is a comprehensive course designed to provide students with knowledge and skills necessary to safely handle, store, transport, treat, dispose, and recycle hazardous materials. Students receive hands-on experience working with real-world materials while learning about the proper methods for safe handling and use.

Hazardous Waste Management Technician Certification (HWMC)

The HWMC is a two-part course consisting of classroom instruction followed by practical application of the material learned in the classroom. Upon completion of the course, students will have demonstrated their understanding of the principles and practices associated with the management of hazardous wastes.

Hazardous Materials Operations Specialist Certification (HMOSC)

The HMOSC is a three-part course consisting of a combination of classroom instruction and practical application. Upon successful completion of the course, graduates will demonstrate their understanding of the principles, concepts, and practices associated with the operation of hazardous materials equipment.

Hazardous Materials Operator Certification (HMOC)

The HMOC is a four-part course consisting of both classroom instruction and practical application of the material taught in class. Upon successful completion of this course, graduates will demonstrate an understanding of the principles, techniques, and practices associated with operating hazardous materials equipment.

Hazardous Materials Supervisor Certification (HMSC)

The HMSC is a five-part course consisting of not only classroom instruction, but also practical application of the material covered in the classroom. Upon successful completion of HMSC, graduates will demonstrate an ability to supervise employees engaged in the operation of hazardous materials.

Hazardous Materials Safety Technician Certification (HMSTC)

The HMSTC is a six-part course consisting of theoretical and practical components. Upon successful completion of HMSTC, graduates will demonstrate the ability to perform tasks related to the safe handling, storage, transportation and treatment of hazardous materials.

Material handler job responsibilities
Material handler job responsibilities (Duties & Requirement)

What skills are needed for a material handler?

1. Manual dexterity

Manual dexterity refers to the ability to use hands and fingers to perform tasks. A person with manual dexterity may have good hand-eye coordination, fine motor skills, and strong grip. These abilities allow them to manipulate objects easily and safely.

2. Strength

Strength is the ability to exert force over time. People who have strong muscles tend to be stronger than those with weaker ones. Stronger people can lift heavier weights and move objects farther distances.

3. Balance

Balance is the ability to maintain stability while standing or moving. Good balance helps prevent falls and injuries.

4. Flexibility

Flexibility is the range of motion of joints and muscles. When someone is flexible, they can bend their body in different directions without pain.

5. Dexterity

Dexterity is the ability to make quick movements with precision. Someone with good dexterity can pick things up and put them down quickly.

6. Cognitive skills

Cognitive skills refer to mental processes that help us think about our surroundings and solve problems. These skills include attention, memory, problem solving, decision making, and critical thinking.

7. Visual acuity

Visual acuity is the sharpness of vision. Someone with high visual acuity can see small details clearly.


What is considered material handling experience?

Material Handling Experience (MHE) refers to the knowledge and skills necessary to safely operate a forklift truck. MHE includes both physical and mental aspects of operating a forklift. Physical aspects include driving the forklift, loading/unloading materials, and maintaining the equipment. Mental aspects include knowing how to read and interpret safety rules, regulations, and procedures; understanding the operation of the equipment; and being able to communicate effectively with others.


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How to receive material in store in Hindi

Aaj sabse important topic pe janne wale “How to receive material in store in hindi” Aaj hum batayenge ki ek storekeeper or materials handler ko materials receive karte samay kin baaton pe dhyan rakhna chahiye sath hi sath materials item code or description kaise pata kare.

How to receive material in store best tips

Sabse jaruri materials received karte samay kya padta hai ye jante hai jaise ki niche diya hau hai ye sab top hum cover karne wale hai jo ki behad janna jaruri hai.

  • Purchase order
  • Summary of deliveries
  • Delivery note
  • Summary of delivery invoiced
  • Summary of delivery open order
  • Purchase order confirmation

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How to receive material in store in Hindi

How to receive material in store in Hindi

Materials receive karte samay sabse jaruri kya hota hai ye sawal sayad kam logo ko pata hoga ki materials receive karte samay hume sabse pahle apne company ka P.O aur Summary Jaruri hota hai.

Purchase Order (P.O) Kya Hai?

Purchase Order (P.O) Kya Hai?

Sabse pahle jan lete hai ki PO yani Purchase Order Kya hai aur Purchase Order se materials kaise received kiya jata hai.

Aap Storekeeper ho ya koi bhi materials receive karne ke liye PO yani Purchase Order ki jarurat sabko padti hai aur purchase order ke bina materials receive nahi hota hai, ager aap ne kar bhi liya to isse apko kafi dikkat asakti hai.

Kyunki materials receive karte samay pata hona chahiye ki jo hum materials receive kar rahe hai wo hamare company se kitna request kiya gya hai sath hi sath ye kis Project or Site ke liye hai,

Purchase Order se materials check karne ke benefits?

Ager aap Purchase Order se materials received karte hai ya aap Purchase Order yani PO jante hai to isse apko bahut faida hota hai jaise ki ye materials kitna request kiya gya hai, Purchase Order se Project ka name bhi pata chalta hai sath hi sath Project Code aur sabse jaurui uski unit price ki information mil jata hai,

Deliver note aur Purchase Order me difference kya hai?

Ye bahut hi simple question hai jise apko janna bahut hi jaruri hai, Delivery Note hume apne Company se nahi balki Supplier se milta hai, jise hume dekh kar materials received karke supplier ko apne signature aur company ke stam ke sath wapas dena padta hai.

Jabki Purchase Order Hume apne company se milta hai ya hume khud comapny ke Erp System se print karna padta hai, jise dekh kar hum material ki milan yani match karte hai ki supplier ka delivery note ka description aur materials ki description hamare Purcahse Order se match kar raha hai ki nahi uske bad hi hum materials receive karte hai.

Summary of deliveries kya hai?

Purchase Order ke sath aapko Summary bhi dekhni padti hai jo ki company ke Erp System pe ye bhi available hota hai jaise hamare liye purchase order jaruri hai waise hi hume Purchase Order Summary bhi jaruri hai materials receive karte hai samay.

Materials receive karte samay summary of deliveries kyu jaruri hota hai?

Materials receive karte samay purchase order isliye jaruri hota hai kyun ki ho sakta hai ki ye materials company ke site pe ya kisi aur store me receive hua ho isliye hume confirm karne ke liye aur on hand balance check karne ke liye iski jarurat padti hai.

Summary ke bina hum ye pata nahi kar sakte ki ye materials kitna received hua hai aur kitna balance hai ya ye pahle se received ho chuka hai ki nahi.

Summary ke madad se hume pata chalta hai ki ye materials ka invoiced hua hai ki nahi aur hua hai to kisne aur kaha kiya hai iski jankari hume yani milti hai.

Summary of deliveries me Invoiced ka kya matlab hota hai?

Summary of deliveries me invoiced ka sabse jyada importance hota hai, ager aap material handler hai ya storekeeper hai to apko materials received karte samaye summary check karni chahiye taki pata chale iska invoiced hua hai ki nahi yani ye materials company me received hua hai ki nahi.

Summary of deliveries me Invoiced ka matlab hota hai ki ye materials received ho chuka hai aur aap ise dubara received nahi kar sakte hai,

Summary of deliveries me open order ka kya matlab hota hai?

Summary of deliveries me open order ka matlab hota hai ki ye materials abhi tak received nahi hua hai aur aap ise received kar sakte hai, wahi ager apko invoiced dikhta to iska matlab hai ye materials received ho chuka hai aur aapko ise received nahi karna chahiy

Summary of deliveries me open order ka kya matlab hota hai?

How to receive material in store in Hindi Topic me humlogo ne bahut kuch kabhar kiya hai jise janna aap sabko jaruri tha isliye maine ye post aap sabhi ke liye likha hai.

How to receive material in store in Hindi me maine videos bhi upload ki hai taki aap sabko example ke sath bhi samjha sake, video me maine live apko purchase order or deliver notes ke madhyam se bataya hai ki how to receive material in store step by step samjhaya hai jise aap ko dekhna chahiye.

Purchase order confirmation kya hai?

Purchase order confirmation ye sare process me ajata hai, yani supplier se materials received karte samay ya company me kisi materials ko request samay jis process se gujarna padta hai purchase order confirmation kaha jata hai jise aam bhasa me purchase order bhi kehta hai. Purchase order ka dusra naam hi Purchase order confirmation hai jise hum Erp System se print karte hai aur age ki perkirya karte hai.

Post achcha lage ko aap comment jarur kare aur kuch add karna ho to hume likh sakte hai jise apko apke intervie me help karega.

Ummid karta hu ye post apko pasand ayegi thanks for subscribe and connect with us.

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